kumkumadi oil : Benefits , uses in hindi । कुंकुमादि तैलम

कुंकुमादि तैलम में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीबैक्टीरियल, और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं!

kumcumadi oil : Benefits , uses in hindi । कुंकुमादि तैलम
 kumcumadi oil 

                                                                           

भारतीय चिकित्सा पद्धति का उदय अथर्ववेद से हुआ है जहां रोगों के लक्षण के अनुसार औषधियों के उपयोग का वर्णन किया गया है!

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 आयुर्वेद ग्रंथ अथर्ववेद का ही एक उपवेद है जिसमें सभी प्रकार की जड़ी बूटियों का विस्तृत वर्णन किया गया है!
 उन्हीं में से कुछ अत्यंत लाभकारी जड़ी बूटियों का उपयोग करके कुंकुमादि तैलम का निर्माण किया जाता है! कुमकुमआदि तेल को बनाने के लिए मुख्यतः केसर के तेल मैं रक्त चंदन मंजिष्ठा इत्यादि 26 जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता है!
 इस में प्रयोग होने वाली जड़ी बूटियां त्वचा के लिए अत्यंत लाभकारी होती हैं! शुद्ध कुमकुमआदि तेलम त्वचा के लिए अमृत के समान होता है! जिसमें त्वचा की लगभग हर समस्या का समाधान होता है!

kumcumadi oil : Benefits , uses in hindi । कुंकुमादि तैलम
 kumcumadi oil 

                                                                           

 यह एक बहुत ही अच्छा मॉइश्चराइजर माना जाता है!कुंकुमादि तैलम का उपयोग हम निम्नलिखित समस्याओं के समाधान के लिए कर सकते हैं!

– कुंकुमादि तैलम का सबसे अच्छा उपयोग दाग धब्बों को दूर करने के लिए किया जाता है! यह एक अच्छा मॉइश्चराइजर है इसलिए आपकी त्वचा में अंदर तक जाता है और ड्राइनेस को अंदर से दूर करता है जिससे दाग धब्बे कम दिखाई देते हैं!

– कुमकुमआदि तेलम एक अच्छा एक्सफोलिएटर भी माना जाता है! इसके नियमित उपयोग से त्वचा की ऊपरी परत धीरे-धीरे एक्सफोलिएट हो जाती है और अंदर से गोरी निखरी स्किन दिखने लगती है!

– अगर आप झाइयों या मेलाजमा से परेशान हैं तो कुमकुम आदि तेलम आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है! 

झाइयां या मेलाजमा की समस्या में त्वचा पर काले धब्बे हो जाते हैं जो मुख्यतः चेहरे पर दिखाई देते हैं!
 अरे इसमें ऊपर की त्वचा अत्यधिक ड्राई हो जाती है जिसकी वजह से उसके सेंसटिविटी बढ़ जाती है और त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों का असर ज्यादा दिखाई देने लगता है!
 अगर कुंकुमादि तैलम का नियमित उपयोग किया जाए तो त्वचा की ड्राइनेस को कम किया जा सकता है और इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है

-कुंकुमादि तैलम एक अच्छा सनस्क्रीन भी है! इसके नियमित उपयोग से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से अपनी त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है

कुंकुमादि तैलम के दुष्प्रभाव-


वैसे तो यह एक आयुर्वेदिक तेल है इसलिए इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है फिर भी क्योंकि यह तैलीय  प्रकृति का होता है इसलिए अगर आपको मुंहासे या पिंपल्स की समस्या है तो इसके उपयोग से परहेज करना चाहिए!

उपयोग विधि-


कुंकुमादि तैलम का उपयोग आप सुबह शाम दोनो टाइम कर सकते हैं! अगर आपकी स्किन अत्यधिक ड्राई है तो आप दोनों टाइम इसका प्रयोग कर सकते हैं! और अगर आप की स्किन नॉर्मल है तो आप सिर्फ रात में सोते समय इसको मॉइश्चराइजर की तरह उपयोग करें!
कुमकुमआदि तेलम की कुछ बूंदें अपनी हथेलियों पर ले और उंगलियों के पोरों से अपने चेहरे पर हल्की-हल्की मालिश करें और दो-तीन घंटे के लिए छोड़ दें! अगर इसका उपयोग आप रात में कर रहे हैं तो मालिश करने के बाद पूरी रात के लिए छोड़ दें!

कुमकुमआदि तेलम मार्केट में कई ब्रांड्स के उपलब्ध हैं आप अपनी पसंद और अपने बजट के हिसाब से किसी भी अच्छे ब्रांड का कुमकुमआदि तेलम उपयोग में ला सकते हैं! परंतु ध्यान रहे कि किसी भी आयुर्वेदिक उपचार को आपको नियमित रूप से करना होगा तभी इसका अच्छा परिणाम होगा!

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